हाल ही में इटली के शहर रोम में G-20 शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य कोरोना से मुकाबला करनें तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को सामान्य स्थिति मे लाने तथा सतत् विकास जैसे विषयों पर चर्चा करना रहा। इस G-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इटली के पास थी।
वर्ष 2023 में भारत द्वारा अध्यक्षता करने की उम्मीद है।
Image source : G20
क्या है G-20
- G-20 बीस प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रीयों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। जिसका प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा किया है।
- यह समूह वैश्विक निवेश का 85 %, वैश्विक व्यापार का 75% , वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85% तथा विश्व की दो- तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
- G-20 के सदस्य देशों में भारत,यूरोपियन यूनियन, फ्रांस,संयुक्त राज्य अमेरिका,यूनिटेड किंगडम, तुर्की, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, रूस, मैक्सिको, जापान, इटली, कनाडा, इंडोनेशिया, चीन,जर्मनी, ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना।
- G-20 का कोई स्थाई सचिवालय/मुख्यालय नहीं है।
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प्रमुख बिंदु
बैठक के बारे में:
- सत्र का मुख्य फोकस ऊर्जा और जलवायु पर था।
- शिखर सम्मेलन के दौरान, देशों ने यह भी सहमति व्यक्त की कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को कोविद -19 टीकों के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए प्रक्रिया को तेज करने के लिए मजबूत किया जाएगा।
- उन्होंने 'रोम घोषणा' को भी अपनाया और स्वास्थ्य अनुभाग के तहत विज्ञप्ति एक बहुत मजबूत संदेश देती है। देश इस बात पर सहमत हुए कि कोविड-19 टीकाकरण एक वैश्विक सार्वजनिक हित है।
- शिखर सम्मेलन के दौरान, नेताओं ने वैश्विक महत्व के मुद्दों जैसे कोविद -19 महामारी से लड़ने, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार, आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और नवाचार को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
- कई विकासशील देशों ने विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने का आह्वान किया।
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